पैमाना

आंखों मैं तेरी यादें बसती है
सांसों मैं तेरी खुशबू रहती है
तनहा अकेली है ये राहें
इन राहोँ मैं कहीं तेरी आहट रहती है
सजी है तस्वीर दिल की इन दीवारों पे
इन तस्वीर मैं दिल की धड़कन रहती है
किताबों के अक्षर मैं
तेरे गीतों के साज़ रहते हैं
प्याला था तेरी हाथों मन पैमाने का
इन पैमानों मैं हम रोज़ जलते हैं .................

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